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11 months ago
शिशु को कैसे नहलाएं: फोटो

  • नहलाने के लिए जरुरी सामान
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    जरुरत का सभी सामान इकट्ठा कर लें

    शिशु को नहलाना शुरु करने से पहले, जरुरत का सब सामान इकट्ठा कर लें। जिन चीजों की आपको जरुरत पड़ेगी, वे हैं:

    • शिशु का बाथ टब और यदि आप बाथ सपोर्ट का इस्तेमाल कर रही हैं तो उसे भी रख लें। शिशु टब में या बाथ सीट में फिसले नहीं, इसके लिए आप नीचे एक तौलिया लगा सकती हैं।
    • नहाने के लिए बाल्टी और मग - बाल्टी में साफ पानी रखिए और मग भी साथ में रखें ताकि शिशु को लगाई गई साबुन या शैम्पू धोने में आपको आसानी रहे।
    • पानी का तापमान जांचने के लिए बाथ थर्मोमीटर (अगर आपके पास हो तो)
    • सौम्य, लिक्विड बेबी क्लींजर
    • कम से कम एक साफ, सूखा तौलिया। अगर आप चाहें तो शिशु को ऊपर से नीचे तक लपेटने के लिए टोपी (हुड) वाले तौलिये का इस्तेमाल भी कर सकती हैं।
    • एक साफ लंगोट (नैपी) और पहनाने के लिए कपड़े

    शिशु को नहलाने के लिए किन-किन चीजों की जरुरत होती है, हमारा यह स्लाइडशो देखकर जानें!
  • कोहनी डालकर पानी का तापमान जांचती माँ
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    नहाने का पानी तैयार करें और उसका तापमान जांच लें

    शिशु को नहलाने से पहले बाल्टी में पानी भरकर रख लें और पानी का तापमान भी जांच लें। शिशु के स्नान के पानी का तापमान आदर्शत: 38 डिग्री सेल्सियस यानि 100.4 डिग्री फेहरनहाइट होना चाहिए।

    अगर, नहाने के पानी का तापमान जांचने के लिए आपके पास बाथ थर्मोमीटर नहीं है, तो हाथ की बजाय अपनी कोहनी डालकर पानी का तापमान मापें। आपको पानी हल्का गुनगुना महसूस होना चाहिए, गर्म नहीं।

    अगर आप पानी गर्म करने के लिए इमर्जन रॉड का इस्तेमाल करती हैं, तो इसे समय पर बाहर निकालने का ध्यान रखें। इसके प्लग को बिजली के सॉकेट से हटा दें और नहाने की जगह से दूर किसी सुरक्षित जगह पर रख दें।

    नवजात शिशुओं और छह महीने तक के शिशुओं के लिए बाथ टब या बेसिन को इतना ही भरें कि पानी शिशु की नाभि तक ही आए। बड़े बच्चों के लिए भी टब में पानी कमर से ऊपर तक न भरें, जब वह बैठी अवस्था में हो।

    अगर आप शिशु को बाथ टब में पानी के अंदर नहीं रखना चाहती हैं, तो शिशु को बाथ सीट पर बैठाकर ऊपर मग से पानी डाल सकती हैं। पानी बाथ सीट के नीचे इकट्ठा हो जाएगा।
  • शिशु के कपड़े उतारती माँ
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    शिशु के कपड़े उतारें

    शिशु के सभी कपड़े उतारकर उसे नहलाने के लिए ले आएं। अगर शिशु की मालिश की गई थी और उसने कपड़े नहीं पहने हुए हैं, तो उसे तौलिये में लपेट लें। इस तरह वह बाथ टब में जाने से पहले आरामदेह रह सकेगा। अगर आपके शिशु ने लंगोट (नैपी) पहनी हुई है और उसमें शिशु ने मल त्याग कर रखा है, तो बाथ टब में रखने से पहले शिशु के जननांगों और नितंबों को अच्छी तरह साफ कर दें।
  • बाथ टब में बैठा शिशु
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    शिशु को सुरक्षित तरीके से टब में रखें

    धीरे-धीरे शिशु को टब में रखें, और एक हाथ से उसकी गर्दन और सिर को सहारा दें। शिशु को मजबूती से पकड़े रहें, क्योंकि हो सकता है तेल की मालिश, क्लींजर या पानी की वजह से वह फिसलने लगे।

    शिशु के सिर को आधार देने और शिशु पर मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए, शिशु के बाईं बाजू के कंधे को अपने बाएं हाथ से पकड़ें। इस तरह उसका सिर आपकी बाजू पर टिक सकेगा (जैसा कि फोटो में दर्शाया गया है)। अगर आप बाएं हाथ से काम करती हैं, तो आप शिशु को दाएं हाथ से पकड़ सकती हैं।
  • बाथ टब में मुस्कुराता शिशु
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    शिशु को पानी का मजा लेने दें!

    शिशु के ऊपर धीरे-धीरे मग से गुनगुना पानी डालें। कुछ शिशुओं को पानी का अहसास बहुत पसंद आता है और वे नहाने का आनंद लेते हैं। मगर, यदि आपके शिशु को पानी में रहना अच्छा नहीं लगता, तो उसे ज्यादा देर तक न नहलाएं। नवजात शिशु को पांच से 10 मिनट से ज्यादा न नहलाएं, इससे उसकी त्वचा को शुष्क होने से बचाया जा सकता है।
  • शिशु को साबुन लगाती माँ
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    पी.एच. संतुलित सौम्य साबुन का इस्तेमाल करें

    अपने शिशु को थोड़ी मात्रा में सौम्य और पी.एच. संतुलन वाली लिक्विड साबुन या क्लींजर से नहलाएं। अगर आपके शिशु की त्वचा रुखी या संवेदनशील (उदाहरण के लिए चकत्ते की वजह से) है, तो आप नहाने के पानी में डॉक्टर द्वारा बताए गए एमोलिएंट भी मिला सकती हैं।

    ध्यान रखें कि एमोलिएंट शिशु की त्चचा को चिकना बना सकता है, जिससे शिशु आपके हाथों से फिसल सकता है, इसलिए उसे नहलाते समय मजबूती से थामकर रखें।
  • शिशु के शरीर पर साबुन मलती माँ
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    साबुन को हल्के से मलें

    शिशु की छाती और पेट पर हल्के हाथों से क्लींजर को मलें। एक हाथ से उसकी पीठ और नितंबों पर क्लींजर लगाएं। साथ ही, पूरे समय उसे दूसरे हाथ से सुरक्षित ढंग से पकड़े रहें।
  • शिशु की गर्दन साफ करती माँ
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    गर्दन साफ करें

    सुनिश्चित करें कि आप शिशु के गर्दन के आसपास की त्वचा की सिलवटों को अच्छी तरह साफ करें, क्योंकि इनमें अक्सर दूध, लार और धूल-मिट्टी जमा हो जाती है। शिशु की गर्दन, बाजू, छाती, कमर और जांघों पर ये सिलवटें हो सकती हैं।
  • शिशु को बगल साफ करती माँ
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    बाजू साफ करें

    शिशु की बाजुओं को उठाकर उसकी बगल भी अच्छी तरह साफ करें।
  • शिशु की पीठ साफ करती माँ
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    शिशु की पीठ धोएं

    शिशु को अपनी एक बाजू से सहारा देते हुए बैठने की मु्द्रा में लाएं। सौम्यता से शिशु की पीठ पर साबुन लगाएं और इसे धो दें।

    अगर, आपका शिशु अभी अपना सिर का नियंत्रण ठीक से नहीं कर पाता है, तो उसके सिर को अपनी बाजू पर टिका रहने दें और उसे इतना ही ऊंचा उठाएं कि उसकी पीठ साफ हो सके।
  • शिशु के गुप्तांगों को साफ करती माँ
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    शिशु के जननांगों को साफ करें

    अपनी एक बाजू से शिशु को सहारा देते हुए सौम्यता से उसके जननांगों को साफ करें। पेट और जांघ के बीच के हिस्से की और जांघो में अंदर की तरफ की सिलवटों को भी अच्छी तरह साफ करें।

    अपनी पुत्री के जननांगों को साफ करते समय ध्यान रखें कि सामने से पीछे की तरफ पौंछे, ताकि कोई जीवाणु उसकी गुदा से उसकी योनि में प्रवेश न कर सके। अपने पुत्र के लिए, यह जरुरी नहीं है कि आप उसके लिंग को साफ करने के लिए लिंग की अग्रत्वचा (फोरस्किन) को पीछे की ओर खींचे।

    जब यह अग्रत्वचा स्वत: अलग हो जाती है और इसे पीछे की ओर करना आसान हो, तब भी सलाह यही दी जाती है कि इसे न छेड़ा जाए। लिंग के ऊपर की त्वचा अपने आप साफ होती रहती है, ऐसे में यदि आप कुछ ओर आजमाने के प्रयास करेंगी तो हो सकता है शिशु को फायदे की बजाय नुकसान हो जाए।
  • शिशु के पैरों की उंगलियां साफ करती माँ
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    पैरों की उंगलियों के बीच साफ करें

    अपनी उंगलियों से शिशु के पैरों की उंगलियों के बीच की जगह को साफ करें। कुछ शिशु अपने पैरों को मुंह तक ले जाते हैं, और उंगलियों को चबाने लगते हैं!
  • शिशु की उंगलियां साफ करती माँ
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    शिशु के हाथ और उंगलियां साफ करें

    जब शिशुओं के दांत निकलते हैं, तो अधिकांश शिशु अपने हाथ मुंह में चबाते रहते हैं। इससे उंगलियों के बीच दूध और लार एकत्र हो सकती है। इसलिए शिशु की उंगलियों के बीच से भी अच्छी तरह गंदगी साफ करें।
  • शिशु का चेहरा पौंछती माँ
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    शिशु का चेहरा धोएं

    अपना हाथ गीला करके या फिर चेहरा पौंछने वाले साफ और मुलायम तौलिये से शिशु के चेहरे को सौम्यता से पौंछ दीजिए।
  • शिशु की आंखें पौंछती माँ
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    शिशु की आंखें साफ करें

    साफ उंगली या फिर रुई के फोहे से शिशु की आंखों को नाक के पास के कोने से लेकर बाहर की तरफ पौंछें। शिशु की आंखें साफ करते हुए कोई दबाव न डालें और बहुत ही नरमी से आंखों को पौंछें।

    पहले एक आंख साफ करने के बाद अपना हाथ अवश्य धोएं और उसके बाद ही दूसरी आंख को पौंछना शुरु करें या फिर दोनों आंखों के लिए अलग-अलग रुई के फोहे का इस्तेमाल करें। इस तरह यदि एक आंख में कोई इनफेक्शन हुआ, तो वह दूसरी आंख तक नहीं पहुंच सकेगा।
  • शिशु के कानों के पीछे की जगह साफ करती माँ
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    शिशु के कान साफ करें

    अपने गीले हाथ से या फिर ईयर बड का इस्तेमाल करते हुए शिशु के कान के बाहरी हिस्से को साफ करें। साथ ही, शिशु के कान के पीछे के हिस्से को भी पौंछना न भूलें। ऐसा इसलिए, क्योंकि अक्सर दूध पीते समय इसकी कुछ बूंदे जाकर कान के पीछे की सलवटों में इकट्ठी हो सकती हैं।
  • शिशु के बाल धोती माँ
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    शिशु के बाल धोएं

    अपनी बाजू से शिशु की गर्दन को सहारा देते हुए उसके सिर को थोड़ा पीछे की तरफ झुकाएं और शिशु के बाल धोएं।
  • शिशु के बालों में शैम्पू लगाती माँ
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    बच्चों वाला सौम्य शैम्पू लगाएं

    अगर आप चाहें तो शिशु के बालों में थोड़ा सा बच्चों के लिए खास बना हुआ सौम्य शैम्पू भी लगा सकती हैं। बस यह ध्यान रखें कि शैम्पू शिशु की आंखों तक न पहुंचे। आप ऐसे शैम्पू का चयन कर सकती हैं, जो कि बाल धोते समय अचानक शिशु की आंखों में चले जाने पर भी जलन पैदा नहीं करता हो।
  • मग से शिशु पर पानी डालती माँ
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    शिशु के शरीर में गर्माहट रखें

    शिशु के शरीर पर समय-समय पर मग से पानी डालती रहें, ताकि उसे ठंड न लगे।
  • शिशु के सिर से शैम्पू साफ करती माँ
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    शैम्पू धोकर साफ कर दें

    सावधानी बरतते हुए शिशु के सिर से सारा शैम्पू धो दें। इस दौरान शिशु की गर्दन और सिर को अपनी बाजू से सहारा देकर रखें, ताकि वह सुरक्षित रह सके।
  • शिशु को तौलिये में लपेटकर सीने से लगाती माँ
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    टोपी वाले तौलिये में शिशु को सुरक्षित ढंग से लपेटें

    शिशु को तौलिये में लपेटें और थपथपाकर पौंछ दें।

    अगर शिशु की त्वचा रुखी हो, या फिर उसे थोड़ा नैपी रैश है, तो आप नहलाने के बाद शिशु की त्वचा पर सौम्य मॉइस्चराइजिंग लोशन लगा सकती हैं। अंत में, शिशु को कपड़े पहनाएं, उसे अपने सीने से लगाकर दूध पिलाएं। उम्मीद है कि अब वह जल्द ही सो जाएगा!

    ध्यान दें: अपने शिशु को नहलाते समय कभी भी अकेला न छोड़ें, एक सैकंड के लिए भी नहीं। अगर आपका ध्यान हटा तो शिशु एक सैकंड के अंदर पानी में किसी मुश्किल में फंस सकता है, फिर चाहे वह बाथ सीट पर ही क्यों न बैठा हो।

    अगर, शिशु को स्नान करवाते समय दरवाजे या फोन की घंटी बजे और आपका उठना जरुरी हो, तो शिशु को भी पानी से बाहर निकालकर, तौलिये में लपेटकर अपने साथ ले जाएं।

    सुनिश्चित करें कि यदि शिशु को आपके पति, परिवार का कोई सदस्य या आया, नहला रही है, तो वे भी इन निर्देशों को पालन करें। ये सब आपके शिशु के नहाने के समय को मजेदार, एक समान और सुरक्षित अनुभव बना सकते हैं।

    Click here to see the English version of this slideshow!

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