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5 months ago
ग्रीवा श्लेम (सर्वाइकल म्यूकस) कैसा दिखता है: फोटो

  • पार्क में मुस्कुराती महिला
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    ग्रीवा श्लेम के जरिये फर्टिलिटी के चरम पर होने का अनुमान लगाना

    आप साफ टॉयलेट पेपर से पौंछकर अपने ग्रीवा श्लेम की जांच कर सकती हैं। या फिर आप साफ उंगली योनि के अंदर डालकर ग्रीवा तक ले जाएं और इस तरह श्लेम की जांच कर सकती हैं। यदि आप मलत्याग के बाद जांच करें तो आपको शायद अधिक ग्रीवा श्लेम मिल सकेगा।
  • अंडे की सफेदी जैसा ग्रीवा श्लेम
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    अंडे की सफेदी जैसा ग्रीवा श्लेम: जननक्षम (फर्टाइल)

    माहवारी के कुछ दिनों बाद आप शायद पाएं कि ग्रीवा श्लेम अब ज्यादा हो रहा है। यह आपको ज्यादा गीला और चिकना लग सकता है। यह कच्चे अंडे की सफेदी जैसा दिखता व महसूस होता है। यह बीच में से टूटे बिना पांच सेंमी. तक खिंच सकता है।

    यह अंडे की सफेदी जैसा ग्रीवा श्लेम सर्वाधिक जननक्षम होता है, क्योंकि यह शुक्राणु को आसानी से ग्रीवा तक जाने देता है। इस जननक्षम अवधि के दौरान हर दो से तीन दिन में संभोग करना बेहतर होता है। शुक्राणु डिंब के जारी होने के इंतजार में सात दिन तक आपके शरीर में जीवित रह सकता है।
  • पानी जैसा ग्रीवा श्लेम
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    पानी जैसा ग्रीवा श्लेम: जननक्षम

    डिंबोत्सर्जन (ओव्यूलेशन) की अवधि के आसपास ग्रीवा श्लेम पतला व और अधिक पानी जैसा हो जाता है। इससे शुक्राणु को ग्रीवा तक पहुंचने में आसानी रहती है।

    पानी जैसा ग्रीवा श्लेम स्पष्ट या पारदर्शी होता है और यह उंगलियों से टपकता है या फिर उंगलियों पर ठहरता नहीं है। आपको ऐसा लग सकता है कि पैंटी में पेशाब का थोड़ा रिसाव हो गया है।
  • मलाई जैसा ग्रीवा श्लेम
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    मलाई जैसा ग्रीवा श्लेम: जननक्षम न होना

    डिंबोत्सर्जन के बाद ग्रीवा श्लेम गीला या चिपचिपा नहीं रहता। इस मलाई जैसे ग्रीवा श्लेम को जननक्षम नहीं माना जाता क्योंकि यह शुक्राणु का डिंब तक पहुंचना और मुश्किल बना देता है।
    मलाई जैसा ग्रीवा श्लेम मोती जैसा सफेद या पीली मलाई जैसा हो सकता है। यह गाढ़ा होता है और उंगलियों के बीच मसले जाने पर लोशन जैसा महसूस होता है।
  • चिपचिपा ग्रीवा श्लेम
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    चिपचिपा ग्रीवा श्लेम: जननक्षम न होना

    आपकी माहवारी तक पहुंचने तक ग्रीवा श्लेम चिपचिपा या लसदार हो जाता है।

    यह सबसे कम जननक्षम ग्रीवा श्लेम होता है, क्योंकि शुक्राणु के लिए इससे होकर गुजरना बहुत मुश्किल होता है। यह गाढ़ा और ढेलेदार होता है, और गोंद जैसा महसूस होता है।
  • मुस्कुराती हुई महिला
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    माहवारी चक्र को समझना

    डिंबोत्सर्जन के संकेतों के लिए आप ग्रीवा श्लेम पर नजर रखने के साथ-साथ अपना बेसल बॉडी टैम्परेचर (बीबीटी) भी माप सकती हैं। बीबीटी की सारणी तैयार करने के लिए आपको सो कर उठने पर हर दिन एक ही समय पर अपना तापमान लेना होगा। फिर बिना बाधा के लगातार कम से कम तीन घंटों की नींद के बाद तापमान लें।

    यदि आप पूरे माहवारी चक्र के दौरान ग्रीवा श्लेम में आए बदलावों और बीबीटी को साथ जोड़कर ​देखें तो दो से तीन महीनों में आप अपने डिंबोत्सर्जन का पूर्वानुमान लगा सकेंगी।

    डिंबोत्सर्जन का अनुमान लगाने के लिए हर दिन तापमान मापने की बजाय ओव्यूलेशन प्रेडिक्टर किट का इस्तेमाल अधिक आसान, शीघ्र और सटीक तरीका हो सकता है। बहरहाल, यदि आपकी माहवारी अनियमित रहती हो, तो शायद ये किट इतनी अच्छी तरह काम न कर पाएं।

    यदि आप डिंबोत्सर्जन के ठीक पहले दो दिन संभोग करें तो आपकी गर्भधारण का पूरी संभावना होती है। हालांकि, इस तरह एकदम सटीक समय पर संभोग करना गर्भधारण के लिए शायद सही उपाय न हो। अधिकांश विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आपको गर्भधारण की संभावना बढ़ाने के लिए पूरे माहवारी चक्र के दौरान नियमित प्रेम संबंध बनाने चाहिए।

    अपने माहवारी चक्र के सबसे जननक्षम दिनों को आसानी से जानने के लिए आप हमारे सर्वाइलक म्यूकस एंड बेसल बॉडी टैम्परेचर चार्ट का इस्तेमाल कर सकती हैं।


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